झांझरवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में भीषण आग, मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा, 4 मजदूर झुलसे।
दुर्घटना
S S Kachhawa
झांझरवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में भीषण आग, मेंटेनेंस के दौरान हुआ हादसा, 4 मजदूर झुलसे।
Updated : December 22, 2025 04:04 PM
नीमच। शहर के झांझरवाड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। मालवा पेट्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री में मेंटेनेंस कार्य के दौरान भीषण आग लग गई। इस हादसे ने न केवल चार परिवारों को संकट में डाल दिया है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने वाली फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लापरवाही की इंतहा, सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नही थे।
हादसे का प्राथमिक कारण फैक्ट्री प्रबंधन की घोर लापरवाही माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिस जगह वेल्डिंग का काम चल रहा था। वहीं पास में खुला डीजल रखा हुआ था। नियमों के मुताबिक ज्वलनशील पदार्थों के पास वेल्डिंग जैसा कार्य करना प्रतिबंधित है, लेकिन यहाँ मानकों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा था।
वेल्डिंग की एक मामूली सी चिंगारी खुले डीजल पर गिरी और देखते ही देखते आग विकराल रूप में तब्दील हो गई। वहां मौजूद 10-12 मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
हादसे का मंजर: 4 मजदूर गंभीर, 2 की हालत नाजुक
आग की लपटों ने वहां काम कर रहे चार मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार के बीच अन्य मजदूरों ने भागकर जान बचाई। झुलसे हुए मजदूरों को तुरंत जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहाँ से दो मजदूरों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर उठे सवाल
इस घटना ने फैक्ट्री मालिक और प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है:
* सुरक्षा किट का अभाव: क्या मजदूरों के पास अग्निरोधक उपकरण या सेफ्टी गियर मौजूद थे?
* खतरनाक भंडारण: ज्वलनशील डीजल को कार्यस्थल पर खुला क्यों छोड़ा गया था?
* फायर सेफ्टी ऑडिट: क्या फैक्ट्री के पास वैध फायर एनओसी (NOC) और आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे?
प्रशासनिक जांच शुरू: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है। ओर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जल्द लौटेंगे अगली खबर के साथ इन बड़े खुलासों के साथ..
*क्या फैक्ट्री के पास वैध फायर एनओसी और 'डीिश' (DISH) विभाग का फिटनेस सर्टिफिकेट मौजूद है, या नियमों को ताक पर रखकर संचालन हो रहा था?
*मेंटेनेंस जैसे जोखिम भरे काम के दौरान क्या कोई सर्टिफाइड सेफ्टी ऑफिसर मौके पर तैनात था, या मजदूरों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया था?
*क्या घायल मजदूरों का श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन है? प्रशासन मालिक से कितना मुआवजा और इलाज का खर्च दिलवाएगा, इसकी पूरी पड़ताल।