नीमच: सत्यम ज्वैलर्स के संचालक के निधन के बाद मचा हड़कंप, करोड़ों की पूंजी फंसी, पीड़ितों ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, पढ़े खबर।
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S S Kachhawa
नीमच: सत्यम ज्वैलर्स के संचालक के निधन के बाद मचा हड़कंप, करोड़ों की पूंजी फंसी, पीड़ितों ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार, पढ़े खबर।
Updated : December 29, 2025 05:59 PM
नीमच। शहर के सराफा बाजार स्थित सत्यम ज्वैलर्स के संचालक बहादुर सोनी के निधन के बाद अब एक बड़ा वित्तीय संकट गहरा गया है। बुधवार 24 दिसंबर को बहादुर सोनी की आकस्मिक मृत्यु के बाद से ही उन सैकड़ों निवेशकों की रातों की नींद उड़ गई है, जिन्होंने भरोसे के नाम पर अपनी मेहनत की कमाई फर्म के पास जमा कर रखी थी।
*तीन दिन बाद ही शुरू हुआ विरोध का सिलसिला*
जानकारी के अनुसार संचालक के निधन के मात्र तीन दिन बाद ही निवेशकों को अपनी जमा पूंजी को लेकर चिंता सताने लगी थी। शनिवार को बड़ी संख्या में निवेशक बहादुर सोनी के निवास पहुंचे। लेकिन वहां परिजनों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। निवेशकों का कहना है कि वे अपनी गाढ़ी कमाई और बेटियों की शादी के लिए रखे गहनों की सुरक्षा को लेकर गहरे मानसिक तनाव में हैं।
कलेक्टर के बाद अब एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित
अपनी डूबी हुई उम्मीदों को बचाने के लिए पीड़ितों ने मोर्चा खोल दिया है:
* रविवार: निवेशकों ने एकजुट होकर जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
* सोमवार: बड़ी संख्या में पीड़ित पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने एसपी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और अपनी रकम व आभूषण वापस दिलाने की गुहार लगाई।
*परिजनों और साझेदारों पर उठ रहे सवाल*
पीड़ितों का आरोप गंभीर है। उनका कहना है कि फर्म से जुड़े परिजन और कथित साझेदार जो व्यावसायिक गतिविधियों से पूरी तरह वाकिफ थे। अब जिम्मेदारी लेने से कतरा रहे हैं।
"हमारे पास फर्म के अधिकृत लेटरपैड की रसीदें और पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी हमें टालमटोल भरा जवाब मिल रहा है।" पीड़ित निवेशक
किसानों और मध्यम वर्ग पर सबसे ज्यादा मार
इस प्रकरण में सबसे दुखद पहलू उन किसानों का है जिन्होंने अपनी फसल बेचकर या जमीन गिरवी रखकर भविष्य की सुरक्षा के लिए पैसा जमा किया था। कई परिवारों ने बेटियों के विवाह के लिए सोने के जेवर बनवाकर यहीं रखे थे। संचालक के निधन ने इन परिवारों के सामने अब आर्थिक अंधकार जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
*प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद*
सराफा बाजार का यह मामला अब शहर की सबसे बड़ी चर्चा बन चुका है। पीड़ितों की मांग है कि प्रशासन फर्म की संपत्तियों और लेन-देन की गहन जांच करे ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो सके और पीड़ितों को उनकी पाई-पाई वापस मिल सके।